Tuesday, 26 April 2016

‪एक‬ हसीन मोड़ ले के छोड़ दे!

लोग अक्शर अच्छे चीजो को अपनाते है और उस से कम अच्छी चीजो को इग्नोर करते है।
सायद सही करते है
मैं भी कुछ दिन पहले मार्किट गया वहा देखा की सब लोग अच्छे चीजो की खोज में लगे हुवे है।
इस क्रम में मैं एक फल की दुकान पे गया देखा वहा दुकानदार आम बेच रहा था 
एक 120 रूपए और एक 80 रूपए प्रति किलो
लेकिन मैनें देखा सब 120 वाले को खरीदने की कोसिस कर रहे थे । लेकिन मुझे 80 वाले अच्छे लगे देखने में थोड़ी सी ख़राब थी
मैंने 80 के भाव से जो आम लिए उस में कुछ दाग से लगे हुवे थे मैंने उस को काट के हटाया और उस आम।को खा लिया।
अब बात समझ आई थोड़ी सी की हम अक्शर अच्छे के चक्कर में कितना दाम चुकाना परता है
हम एक दो गलती कमी की वजह से लोगों से रिश्ता तोड़ के उस से दूर चले जाते है।
लेकिन मेरा मन्ना है की जैसे आम।में जो खराबी थी हमने उस भाग को निकाल के खा जाना चाइये।
उसी प्रकार से जो भी थोड़ी बहुत कमी किसी में है या बुराइया है उस गवाइए नही बल्कि उस बुराई या कमी को छोड़ के उस की अच्छाइयों को अपनाना चाइये
‪#‎किसी‬ भी रिस्तो को तोड़े नही
‪#‎एक‬ हसीन मोड़ ले के छोड़ दे!
‪#‎माथुर‬

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